बंदे में है दम…

बचपन से जवानी और फिर बालों में सफेदी झलकने तक, व्यक्तिगत आदतें, रुचि और जीवन शैली बदलती रहती हैं। परंतु कुछ आदतों में वक़्त के साथ भी कोई परिवर्तन नही होता। मेरे लिए वो आदत है सुबह नाश्ते के समय रेडियो पर संगीत सुनना। पिछले […]

सुशांत… तुम हमेशा दिल में रहोगे

किसी क़रीबी की मृत्यु अवसाद पैदा कर देती है। ऐसा ही अब तक देखा-जाना था। किसी ऐसे की मृत्यु जिससे आपका कोई सीधा संबंध ना हो, भी अवसाद पैदा कर सकती है। यह अब जान रही हूँ। सुशांत सिंह की मृत्यु को अब तेरह दिन […]

सीख लोगे जितना, अच्छा रहेगा उतना

बचपन पापा के संघर्ष की कहानियों में बीता था। उनके जीवन के छोटे-छोटे किस्से रात में सोने से पहले मां से सुनते सुनते गुजरा था। फिर जब थोड़ी समझ आई तो पापा का संघर्ष सामने देखा भी। बुंदेलखंड के सूखे क्षेत्र की ऊसर ज़मीन में […]

एक ज़हीन ख़्वाब का टूट जाना

आपने “Interstellar” देखी होगी। “Gravity” भी। क्या महसूस हुआ था उन्हें देखते हुए? मुझे तीन बातें महसूस हुई। पहली कि मानव मन की कल्पना शक्ति और उसका ज्ञान जब हाथ थाम लेते हैं तो वह कुछ ऐसा रचता है, जिसमें भविष्य की झलक और उम्मीद […]

Me Time ‘मां को भी चाहिए कुदरत की तरह देखभाल’

कुछ देर के लिए प्रकृति को अगर मां समझें तो ज़रा अब से कुछ महीने पहले उसकी हालत को नज़र के सामने लाने की कोशिश कीजिए। बेतहाशा प्रदूषण और इंसान की बेरुखी ने पूरी ही दुनिया में कुदरत की सूरत बिगाड़ दी थी। जंगलों में […]

“मेहनत की जाए तो सफलता मिलना तय है”

18 जून 2018 को जब AIIMS Entrance exam का परिणाम घोषित हुआ तो रैंक के हिसाब से मेरा AIIMS में सलेक्शन होना तय था। यह बात जानकर मुझे एवं मेरे माता-पिता को बहुत खुशी हुई। बहुत लोगों को यह सब जानकर बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि […]

‘’पता नहीं क्या सही है और क्या ग़लत… पर यही तो है ज़िंदगी’’

यूं तो इस बात को कई साल हो गए हैं, लेकिन आज भी ज़हन में वो वाक़्या ताज़ा है। ‘ज़िन्दगी लाइव’ के एक ख़ास एपिसोड की तैयारी चल रही थी। कुछ चुनिंदा मेहमानों के मैसेज मंगवाने थे। मैंने नैना ( बदला हुआ नाम) को कॉल […]

“ऐसी कहानियाँ जो मुर्दा जिस्म में जान भर दें”

“ज़िन्दगी विद ऋचा” के साथ मैं कैसे जुड़ा? शुरूआत से बताता हूँ… साल २००९ की बात है, मैं एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था… महीनों अस्पताल में गुज़ार कर जब घर लौटा तो शरीर बेजान हो चुका था… पूरा दिन दवाइयों की गिरफ़्त में […]

जब रुकी-सी ज़िन्दगी को मिली ‘ज़िन्दगी विद ऋचा’

अभी भी अच्छे से याद है मुझे, उस दिन पहली बार ऋचा जी से मिलना और उनका ये पूछना कि क्या मेरी टीम का हिस्सा बनोगी? मां बनने की जिम्मेदारियों के चलते 3 साल के करियर ब्रेक के बाद ये ऑफर मिलना, जाहिर है खुशी […]